जिले में सिमगा एसडीएम के फर्जी पत्र एवं सील-मुहर से परिवहन पास जारी किये जाने का मामला सामने आया है। भास्कर पयासी नाम के व्यक्ति ने इस फर्जी पास से जबलपुर की यात्रा भी की है। एसडीएम की रिपोर्ट पर सिमगा थाने में इस पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई है। सिमगा थाने में आरोपी भास्कर पयासी के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471, 472, 188 और महामारी अधिनियम 1897 की धारा 3 के तहत अपराध(एफआईआर) पंजीबद्ध किया गया है।

अनुविभागीय दण्डाधिकारी धनीराम रात्रे द्वारा सिमगा थाने में की गई लिखित शिकायत के अनुसार उनके कार्यालय का फर्जी पत्र एवं नकली सील-मुहर का उपयोग करते हुए भास्कर पयासी के नाम से एक पास तैयार किया गया। 11 मई की तारीख में पास जारी होना बताया गया हैं पास में वाहन क्रमांक सीजी 07 बीएस 5656 का उल्लेख किया गया है। सिमगा से जबलपुर की यात्रा के लिये फर्जी परिवहन पास बनाया गया है।

इस कूटरचित परिवहन पास के आधार पर भास्कर पयासी द्वारा जबलपुर की यात्रा भी की गई है। एसडीएम का हस्ताक्षर भी कूट रचित पास में नकली तरीके से किया गया है। पास में जो जावक नम्बर दर्शाया गया है,वह भी फर्जी है। भास्कर पयासी ने नकली पास से यात्रा कर निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया है। उनके द्वारा कोरोना जैसे भयावह महामारी को फैलाने का काम किया गया है। एसडीएम ने फर्जी पास में उल्लिखित नम्बर से सम्पर्क कर पूछा तो भास्कर पयासी ने कहा कि वह जबलपुर से लौट रहा है और इसके बाद बिलासपुर जायेगा। एसडीएम द्वारा परिचय दिये जाने पर वह फोन काट दिया। एसडीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुये तत्काल एफआईआर दर्ज कराई। सिमगा थाने में अपराध क्रमांक 0149 दिनांक 14 मई को उपरोक्त धाराओं के तहत मामला दर्ज कर ली गई है।

 

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