पटना /रफीक अंसारी बस्सू

पटवारी, आरआई और तहसीलदार को कम पड़ रहा है तन्ख्वााह।
ऊपरी पैसा लेना मजबूरी, देना पड़ता है बड़े अधिकारीयों को।
बैकुण्ठपुर।भाजपा सरकार से त्रस्त होकर लोगो ने कांग्रेस सरकार को राज्य में लाया ताकि भ्रष्टाचार कार्यालयों में कम हो। कांग्रेस ने लोगों को यह कहा था कि सरकार के कार्यकाल में किसी भी कार्यालय में लोग परेशान नहीं होंगे पर जमीनी स्तर पर स्थिति कुछ और ही बंया करती है। कोरिया जिले के बैकुण्ठपुर विधानसभा के तहसीलों में कोई भी काम बिना पैसे के नहीं होता। जहां पैसा नहीं मिलता वह काम सालों तक धरी की धरी रह जाती है। ऋण पुस्तिका से लेकर जमीन सम्बन्धित हर कामों में जमकर पैसा लिया जाता है। निचले स्तर के कर्मचारी तो यह कहकर पैसा लेते है कि तहसीलदार को देना है यदि आप देना नहीं चाहते तो सीधे तहसीलदार से काम करा लिजिये। तहसीलदार के पास जाने से जवाब मिलता है कि आप पटवारी के माध्यम से आयें। आरआई तो जमीन सम्बन्धित कोई भी काम हो बिना पैसे के फाईल को देखना पसंद भी नहीं करते।
तहसील कार्यालय में रोज लोगों का कोई न कोई काम पड़ता है और लोगों का आना जाना लगा रहता है। पर इस कोरोना काल में तहसील से अन्य शासकीय कार्य कराने के लिये लोगों को लम्बा चक्कर लगाना पड़ता हैं। तहसील कार्यालय में आये अपना काम कराने आये कुछ लोगों ने बताया कि राजस्व का कोई भी मामला हो जिले के हर कार्यालयों में जमकर भर्राशाही मचा हुआ है। कोरिया जिले में चाहे वह उपतहसील हो पूर्ण तहसील यहां तक कि अनुविभागिय अधिकारी के कार्यालय में बैठे लिपिक छोटे-छोटे कार्यो के लिये खुलेआम खर्चापानी देने की बात कहते सुना जा सकता है। आखिर प्रदेश में आयी भूपेश सरकार इन सभी कार्यालयों में कोई लगाम क्यों नहीं लगा पा रहा है। पटवारी से लेकर आरआई व तहसील कार्यालयों बढ़ती खुलेआम अवैध वसुली पर आखिर प्रशासन लगाम लगाने में क्यों बेवश दिखाई देता है। वही नाम न छापने की शर्त पर बताया की क्या करे किसी भी केश में तहसीलदार पैसा लेती है तब साइन करती है ऐसे में लोगो से पैसा नहीं लेंगे तो तहसीलदार को कहा से देंगे । यदि हम लोग पैसा न भी लें और अपना काम करके प्रार्थी को दे दें तो भी तहसीलदार द्वारा हमें सुनाया जाता है। कि तुम लोग सीधे प्रार्थी को मेरे पास मत भेजा करों यह सिर्फ इसलिये कि प्रार्थी से सारा डील पटवारी ही करें और तहसीलदार को सिर्फ अपना साईन करने का फिक्स पैसा मिल सके।
आॅनलाईन में भी देखने को मिलते है फर्जीवाड़े – कोरिया जिले में बैकुण्ठपुर विधानसभा के अंतर्गत एक ऐसा ही मामला सामने आया था जिसमें शासकीय भूमि को निजी बता दिया गया था हांलाकि इस सम्बन्ध स्थानीय तहसीलदार ऋचाा सिंह ने सफाई देते हुये साईट को हैग कर बात को घुमा दिया गया। जबकि इस सम्बन्ध में आज भी जांच अधूरी है और लोगों का कहना है कि आखिर हैकर्स सिर्फ एक ही जमीन को हैक क्यों करेगा या फिर जिसके नाम से जमीनं बता दिया था उसी का करामात तो नहीं हांलाकि यह सारी बाते ठंडे बस्ते में डाल कर तहसीलदार चैन की नींद सो रहे है। जबकि इस मामले में निष्पक्षतापूर्वक जांच होनी चाहिये थी क्योंकि यह मामला जिले के राजस्व का है।
करने के लिये
दस रूपये ऋण पुस्तिका के लिये मांगते है दस हजार – राजस्व विभाग से पिड़ित लोगो ने बताया कि यदि ऋण पुस्तिका गुम हो गयी है या फिर नया ऋण पुस्तिका बनाना है तो इसके लिये यह बोला जाता है पर यदि जल्दी चाहिऐ तो दस हजार लगेंगे ऋण पुस्तिका जल्दी मिल जायेगी। पर सवाल यह उठता है कि दस रूपये में मिलने वाली ऋण पुस्तिका के लिये दस हजार मांगना कहां तक सही है। कुछ ऐसा ही हाल जमीन नापजोख, सीमांकन, फौती, नामांतरण का भी है जहां पटवारी और राजस्व निरीक्षक छुटमुंह पैसे की मांग करते नजर आते है। लोग मोलभाव भी करना चाहते है तो आरआई और पटवारी का यह साफ कहते है कि यह फिक्स रेट है क्योंकि इसमें हमें तहसीलदार को भी देना होता है।
लम्बे समय से टिकी है तहसीलदार – सरकार द्वारा भ्रष्टाचार को कम करने के लिये एक स्थानांतरण की प्रक्रिया अपनायी जाती है जिसमें किसी भी विभाग के अधिकारी को लम्बे समय तक का कार्यकाल नहीं दिया जाता। पर बैकुण्ठपुर के तहसील कार्यालय में काफी लम्बे से तहसीलदार जमीं हुयी है और इनके कार्यकाल में कई शिकायतें देखने को मिल गयी है। इनके ऊपर तो यह भी आरोप लग रहे कि यह आम लोगों के प्रति इनका बर्ताव भी सही नहीं रहता। इनके नीचे के अधिकारी इनके नाम पर खुलकर पैसे की ऊगाही करते है। इनके ही संरक्षण में उपतहसील पटना का भी मामला इन दिनों काफी सुर्खियों में है जहां अवैध रेत परिवहन के नाम पर जमकर पैसे की वसुली की जा रही है वहीं राजस्व की टीम भी ठेकेदार के कहने पर वाहनों पर कार्यवाही कर रही है।
ऋचा सिंह तहसीलदार बैकुण्ठपुर – जो भी इस प्रकार की अफवाह फैला रहा है वह गलत है कोई परेशान न हो इसलिये ऋण पुस्तिका जनदर्शन में बंटवाती हूं। यदि किसी पटवारी के द्वारा इस प्रकार से पैसा लेने की बात आती है तो उन पर कार्यवाही भी होती है। आॅनलाईन शासकीय जमीन परिवर्तन होने वाले मामले में भी रायपुर को पत्र लिखा गया है उनके आदेशानुसार इस पर भी जांच होगी और दोषी पाये जाने वालों पर कार्यवाही होगी।

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अविनाश चंद्र -8964006304 / 83195220243/रफीक अंसारी पटना कोरिया:-9770277040

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