रफीक अंसारी/ बस्सू पटना से

सरकारी जमीन का पट्टा दे मुआवजा देने का झांसा में फंसा पिड़ित, कर रहा इंतजार।

मुआवजे की लालच में पीड़ित, निजी खाते की जमीन खोने के कगार पर।

पटना। राजस्व विभाग के पास जमीन सम्बन्धित कई ऐसे अधिकार मिले हैं, जिसमें वह पिड़ित पक्ष को न्याय दे उनके हक की जमीन सम्बन्धित समस्याओं को बड़े आसानी से सुलझा सकते है। शायद इसलिए भी राजस्व की अहमियत जनता के लिये बढ़ जाती है वहीं सरकारी जमीन को बचाना भी राजस्व का उतना ही जिम्मेदारी है जितना कि लोगों के निजी जमीनों के विवाद निपटारा में। पर यदि इसके उलट हो कि राजस्व में बैठे जिम्मेदार यदि न्याय के आसन में बैठ भू-माफिया से लाभ लेने के लिये किसी पिड़ित को सरकारी जमीन के पट्टा दे उसे करोड़ो का मुआवजा का लालच देकर उसके हक की निजी जमीन दलालों के माध्यम से यदि हेरा-फेरी हो तो इस पर भी राजस्व के जिम्मेदारों का नजर होना चाहिए।

एक मामला सामने आया है जो पटना थाना से महज 8 किलोमीटर दूर जमगहना सरड़ी बाईपास का है जहां भू-माफिया द्वारा एक पीड़ित को यह आश्वासन दिया गया है, कि उसकी निजी जमीन के सामने जो सरकारी जमीन है जिससे नेशनल हाईवे 43 सड़क गुजरी है। उस जमीन का पट्टा दिला आपको मुआवजा दिलाएंगे उसके एवज में आपको अपनी कुछ जमीन मुझे देनी पड़ेगी। पीड़ित आज भी इस भरोसे बैठा है कि उसे शासकीय जमीन का पट्टा मिलेगा और एक करोड़ मुआवजा और वही सूत्रों की माने तो उसकी निजी जमीन भी इस लालच में दूसरे की हो चुकी है। पीड़ित सिर्फ उस भू माफिया की बातों में फसा बैठा है, हकीकत तो यह है सरकारी जमीन का पट्टा देना काफी मुश्किल है और पट्टा दे उसके बदले में मुआवजा देना तो दूर की बात है। पिड़ित ने पूरी गाथा कैमरे के सामने बतायी और यह कहा कि मुझे कई लोगों द्वारा अलग-अलग तरीके से दबाव बना इस जमीन के सम्बन्ध में कोई कुछ भी बन कर मेरे पास पहुंच जाता है। और मेरे से पूरा मामला जानने का प्रयास करता है। मुझे उन लोगों ने फिर से जनवरी 2021 तक का समय दिया है कि पट्टा बन कर मुआवजा आपको मिल जायेगा इसके एवज में मुझे किसी से कुछ भी नहीं कहने का दबाव भी दिया गया है।

पिड़ीत ने कैमरे के सामने बताया कि बैकुण्ठपुर के एक व्यक्ति ने तहसील से मुआवजा सूची निकालकर लाया और कहा कि यह जमीन सरकारी है पर आप काबिज है। वहीं पिड़ित की निजी भूमि भी नेशनल हाईवे के किनारे है और उसका कुछ हिस्सा उस सड़क में फंस रहा था पर मुआवजा न मिलने की वजह से पिड़ित अपनी काबिज जमीन व निजी जमीन पर सड़क बनाने का विरोध कर रहा था। क्योंकि जिस शासकीय जमीन पर वह काबिज था उसी जमीन पर नेशनल हाईवे बाईपास सड़क बन चुका है। दलाल ने सरकारी जमीन में मुआवजा दिलाने के बदले उसके निजी खाते की जमीन रजिस्ट्री करा ली। जिनके नाम पर रजिस्ट्री हुयी है उनका कहना है कि हमने पैसे देकर खरीदा है। पर वहीं पिड़ित का कहना है कि मुझे पैसे मिले ही नहीं, यदि पैसे मिलते तो मेरे बैंक खाते में जमा होता है क्योंकि मेरी निजी जमीन काफी किमती है।

विड़ियो वायरल हुआ जिसमें पांच लोगो की बेचने की आ रही बात – जमीन मालिक का एक विडियो सोशल मिडिया में वायरल हुआ है और उसमें यह बताया जा रहा है कि क्रेता ने 5 लोगों को जमीन रजिस्ट्री किया है। पर जो रजिस्ट्री कार्यालय से जानकारी मिली है उसके अनुसार 15 से 17 लोगों के नाम रजिस्ट्री होने की बात सामने आ रही है। जैसे-जैसे मामला आगे बढ़ रहा है वैसे-वैसे पिड़ित लोगों के बहकावे में आकर फंसता दिख रहा है। क्योंकि वह ज्यादा पढ़ा नहीं है इसलिए वह ज्यादा परेशान है उससे कोई भी कहीं पर हस्ताक्षर करा कर उसका शोषण कर रहा है। वहीं पिड़ित इस प्रकार दलालों के चंगुल में फंस चुका है कि वह तय नहीं कर पा रहा है कि न्यायलय जाऊं या दलालों की बातों पर भरोसा करूं।

खबर के बाद भू-मफिया और जमीन लेने वाले दहशत में – सूत्रों की माने तो अब तक पिड़ित की खाते भूमि मे से 17 लोगों के नाम भूमि रजिस्ट्री कि जा चुकी है और इसमें से अधिकांश नाम ऐसे है जो सत्तापक्ष के करीबी है। इसी वजह से इस मामले में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी कार्यवाही करने से परहेज कर रहे है। कहीं पोल न खुल जाये इसलिए तहसील कार्यालय, एसडीएम कार्यालय व उपपंजीयक कार्यालय से आरटीआई कार्यालय से जानकारी भी नहीं दी जा रही है कि कहीं इनकी पोल न खुल जाये। आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा लगातार अपील की जा रही है। यहां तक कि पिड़ित ने तात्कालिन कलेक्टर डोमन सिंह के रहते उक्त जमीन की शिकायत की थी, यहां तक कि पिड़ित के परिजनों ने नामांतरण व संशोधन न हो इसके लिये आपत्ति भी दर्ज कर रखी थी। पूर्व कलेक्टर चले गये पर कार्यवाही डंडे बस्ते में रह गयी।

एसएन राठौर कोरिया कलेक्टर इनसे जब मुलाकात कर चर्चा की गयी तो इन्होंने कहा कि अभी तक मेरे पास कोई शिकायत नहीं आया है। यदि प्रार्थी द्वारा मेरे पास शिकायत की गयी तो जरूर ही कार्यवाही होगी।

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अविनाश चंद्र -8964006304 / 83195220243/रफीक अंसारी पटना कोरिया:-9770277040

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