अविनाश चंद्र की रिपोर्ट

कोरिया(खड़गवां) हम बात कर रहे है कोरिया जिला के अंतर्गत आने वाला खड़गवां थाने भवन की आपको जानकर आश्चर्य होगा कि शासन के पैसे का किस प्रकार से दुरुपयोग ठेकेदारी प्रथा में हो रहा है इसका जीता जागता उदाहरण खड़गवां थाने का भवन है करीब 5 साल पहले बने इस भवन का टेंडर पुलिस हाउसिंग के द्वारा किया गया था जिसको बैकुंठपुर के विकास शिवहरे नाम के ठेकेदार ने बनवाया था थाना खड़गवां भवन बनने के 1 महीने के भीतर ही दीवारों में दरारें आ गई और वर्तमान 5 वर्ष में पूरे भवन का निरीक्षण किया गया तो पता चला कि कोई ऐसी दीवार नहीं है जिस पर दरार ना आई हो साथ ही सीलन भी बने रहते हैं इसके अलावा छतें भी टूट कर गिर रही हैं इस भवन का निर्माण पूरे भ्रष्टाचार का जीता जागता उदाहरण दिख रहा है कमीशन खोरी और भ्रष्टाचारी का अभी तक इस ठेकेदार पर ना तो किसी प्रकार की कार्यवाही प्रशासन के द्वारा की गई और ना ही इसकी ठेकेदारी पर कोई अंकुश लग सका है इस संदर्भ में जब पत्रकार ने नगर पुलिस अधीक्षक प्रतिपाल सिंह से जानकारी लिया तो पता चला कि पत्राचार किया गया है लाखों रुपए की बनी इस बिल्डिंग 5 वर्ष के भीतर ही पूरी तरह से डैमेज होना शुरू हो गई है छते टूट कर गिरती है खड़गवां थाने में कभी भी कोई भी हादसा हो सकता है लेकिन अभी तक पुलिस विभाग का कोई भी अधिकारी या पुलिस हाउसिंग का कोई भी उच्च अधिकारी इस भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी खड़गवां पुलिस थाना भवन को लेकर अभी तक ठेकेदार पर कोई भी कार्यवाही नहीं कर पाए हैं आश्चर्य की बात है कि 5 वर्षों के भीतर खड़गवां थाने की संचालित भवन भ्रष्टाचार और गुणवत्ता विहीन की भेंट चढ़ गया है यदि इस भवन को देखा जाए तो साल 2 साल के भीतर ही है जमींदोज हो सकता है किंतु खड़गवां थाना आज भी इसी भवन में चल रहा है जो कि कभी ना कभी किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता हैअब देखना यह होगा कि लाखों रुपए की लागत से बना खड़गवां थाना का भवन में हुए भ्रष्टाचार और गुणवत्ता विहीन ठेकेदार प्रशासन और पुलिस हाउसिंग कब और कैसे कार्यवाही करता है यह तो समय ही बताएगा किंतु एक बात तय है पुलिस हाउसिंग के इस टेंडर का इतना घटिया निर्माण आज तक किसी भवन का नहीं हुआ है

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