(बस्सु) रफ़ीक अंसारी/ कोरिया /


जमीन का कब्जा दिलाने पहुंचा पूरा राजस्व विभाग दूसरे जगह की तहसीलदार का नही था कोई काम।
बैकुण्ठपुर की वर्तमान तहसीलदार सोनहत में पदस्थ रहते हुए मनेन्द्रगढ़ में जाकर किया सीमांकन- बसंत सिंह
धन सिंह नाम के व्यक्ति के मरने के बाद उससे मिलते जुलते नाम का व्यक्ति खोज मुख्तारनामा के आधार पर भूमि की हुई बिक्री मामला मनेन्द्रगढ़ का।
बैकुण्ठपुर। मनेन्द्रगढ़ तहसील का एक ऐसा मामला जहां नौ साल पहले मृत हुए व्यक्ति के जगह उसी नाम का व्यक्ति खड़ा होकर बना दिया मुख्तारनामा और उसक आाधार पर जमीन की हो गई रजिस्ट्री उक्त भूमि वारिसदार के कब्जे की जमीन पर राजस्व विभाग के अधिकारी कब्जा दिलाने के लिए इतने उत्साहित थे कि उन्होने मिला मामले को समझे कब्जा दिलाने पहुच गए। कब्जा लेने वाले की ऐसी पहुच कि एक तहसीलदार के साथ नही दो-दो तहसीलदार को लेकर पहुच गए कब्जा लेने जिसमे सोनहत की तत्कालीन तहसीलदार ऋचा सिंह व मनेन्द्रगढ़ तत्कालीन तहसीलदार दल बल के साथ सीमांकन करने पहुॅच गए। सबसे आश्चर्य कि बात तो यह थी की सोनहत की तत्कालीन तहसीलदार जिनका कार्यक्षेत्र उक्त भूमि में नही आता फिर भी वह न जाने क्यों कब्जा दिलाने पहुच गई। जिसकी शिकायत बसंत सिंह ने कोरिया कलेक्टर से करते हुए सारे आरोप लगाया और कहा कि उनके चाचा कि जमीन फर्जी तरीके से उनके चाचा के नाम के मिलते जुलते व्यक्ति को खड़ा कर मेरे चाचा की जमीन बिकवा दी। जिसका निष्पक्ष जांच कर कार्यवाही की मांग की गई है।
बसंत सिेह आत्मज स्वर्गीय विक्रम सिंह निवासी ग्राम डंगौरा थाना व तहसील मनेन्द्रगढ़ ने कलेक्टर कोरिया को शिकायत करते हुए बताया कि स्व धनसिंह मेरे चाचा थे जिनकी मृत्यु करीब 09 वर्ष पहले हो चुकी है तथा मेरे चाचा धनसिंह ने जगननाथ बसंत सिंह एवं नवल साय के पक्ष में एक पंजीकृत वसीयत नामा 28 फरवरी 2007 को निष्पादित किया था। मेरे चाचा स्व धनसिंह की ग्राम डंगौरा पटवारी हल्का न. 10 तहसील मनेन्द्रगढ़ जिला कोरिया छ्रग में खसरा न. 436 एवं 496 रकवा 1.130 एवं 0.100 भूमि थी उक्त भूमि को वर्ष 2007 में पंजीकृत वसीयतनामा द्वारा अपने भाई के पुत्र जगननाथ, बसंत सिंह एवं नवल साय के नाम कर दिया था। उनकी मृत्यु के पश्चात से हम तीनो भाई काबिज होकर उक्त जमीन पर खेती कर रहे है। धन सिंह कभी भी ग्राम छिंदकाली पोस्ट व थाना दरिमा, तहसील- अबिकापुर – सरगुजा में निवास नहीं किये हैं, तथा उन्होंने जो मुख्तारनामा आम सुशील कुमार मिंज के नाम पर जारी करना बताया है उस मुख्तारनामा में जो फोटो लगी है वह स्व धन सिंह की नहीं है तथा कोई अन्य व्यक्ति धन सिंह बनकर सुशील कुमार के पक्ष में मुख्तारनामा निष्पादित किया है एवं सुशील कुमार ने संगलराम के पक्ष में पंजीकृत विक्रयनामा निष्पादित किया है। इस तरह बनावटी व्यक्ति द्वारा धन सिंह बनकर मुख्तारनामा निष्पादित किया गया है और सुशील कुमार ने पंजीकृत नामा उक्त मुख्तारनामा के आधार पर निष्पादित किया है जो पुर्णतः गलत है। साथ ही बसंत ने बताया कि वसीयतकर्ता की फोटो वसीयत में लगी हुई है जिससे यह प्रमाणित होता है कि हमारे चाचा धन सिंह की फोटो एवं पंजीकृत मुख्तारनामा में लगी फोटो दोनों अलग-अलग है। क्योंकि धन सिंह ग्राम कछौड़ एवं शिवपुर में निवास करने लगे थे तथा डगौरा भी आते जाते थे इस कारण छिगकालो में रहने का प्रश्न नहीं उत्पन्न होता है इस तरह बनावटी व्यक्ति द्वारा धन सिंह बनकर मुख्तारनामा निष्पादित किया है और उस गलत बनावटी मुख्तारनामा के आधार पर सुशील कुमार मिंज आ. जोफन मिंज ने विकयनामा मे निष्पादित किया है उसमें जो गवाह अभिलाष सिंह एवं संतोष सिंह दोनो केदारपुर निवासी बताये गये है तथा दोनों ने मुख्तारनामा आम को पहचानना बताये है यह भी उस जालसाजी में सम्मिलित है वहीं गलत आदमी को भू स्वामी बनाकर मुख्तारनामा बनाने में ये भी उतने ही दोषी है। इस तरह हमारे भूमि स्वामी हक के भूमि को बनावटी धन सिंह बनकर भूमि का पंजीयन करा दिया गया है और यह पंजीयन वर्ष 2018 में किया गया है जबकि मेरे चाचा धन सिंह की मृत्यु करीब 09 वर्ष पूर्व हो चुकी है।
तत्कालीन तहसीलदार पर आरोप- पीड़ीत बसंत ने आरोप लगाते हुए बताया कि 18 मई 2019 को तहसीलदार मनेन्द्रगढ़ एवं सोनहत तहसीलदार ऋचा सिंह तथा दो पटवारी एवं दो आरआई एवं पुलिस दल बल के साथ पहुचकर मेरे कब्जे वाली भूमि का सीमांकन किये उसमें मेरा मकान भी सीमाकंन के अन्तर्गत उक्त भूमि पर आया है। जबकि वह मकान करीब 50 वर्ष पूर्व का बना हुआ है।
= इस तरह जानबूझकर
तहसीलदार मनेन्द्रगढ़ एवं तहसीलदार सोनहत दल बल के साथ पुलिस लेकर डराते हुये तथा अपने पद का दुरूपयोग करते हुये मेरे कब्जे की भूमि में खुटा गाड़ दिया तथा मना करने पर जेल मे बन्दकर देने की धमकी दी गई इस तरह पूरी भूमि का नाप करने के बहाने खुटा गाड़ दिया गया है और फर्जी भूस्वामी बनाकर उसे कब्जा दिलाने की बात कही। वह खुटा किस आधार पर गाड़ा गया है यह नहीं बताया गया है जबकि बनावटी व्यक्ति द्वारा उक्त भूमि का विक्रय किया गया है पंजीयन के सम्बंद्ध मे व्यवहारबाद (सिविल कोर्ट) लंबित है उक्त व्यवहारवाद की सुनवाई हो रही है उसमें धन सिंह उपस्थित नहीं हुआ है तथा मुख्तारनामा आम देकर दूसरे व्यक्ति को खड़ाकर रहा है जबकि यह धन सिंह कॅवर जाति का है और उसने गोड़ बनकर भूमि की बिक्री की है। यह सारा कार्य शरण सिंह नामक व्यक्ति जिससे मेरी पारिवारिक विवाद होने की वजह से उसने कराया है इस तरह जो सम्पूर्ण कार्यवाही विधि विरुद्ध है तथा पुलिस एवं शासन अधिकारी होने की उक्त भूमि का कब्जा क्रेता को दिलाना चाहते हैं जबकि उक्त भूमि पर हमारा मकान बना हुआ है तथा एक अन्य मकान उक्त भूमि पर पूर्व से बना हुआ है तथा पुलिस की धमकी देकर एवं पुलिस दल बल को वहां उपस्थित रखकर खुठा गाड़ा गया है इस तरह राजस्व अधिकारियों ने अपने अधिकार का दुरूपयोग करते हुये हमारे कब्जे वाली जमीन का सीमाकंन किया है उक्त सीमांकन रिपोर्ट में क्या लिखा है तथा गांव के कोई व्यक्ति वंहा पर उपस्थित नहीं थे उनसे बाद में हस्ताक्षर कराया गया होगा। इस तरह समस्त कार्यवाही अवैध है इस कारण उनके द्वारा की गयी सम्पूर्ण अवैध कार्यवाही के आधार पर कोई कार्यवाही की जाती है तथा कोई रिपोर्ट दी जाती है तो उसपर जांच के बाद ही कार्यवाही की जाने की मांग कोरिया कलेक्टर से की है।

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