आदरणीय बाबा यदि हमारे कोरिया जिले को कम्युनिटी ट्रान्समिशन से बचा सकते है तो बचा लीजिये। क्योंकि स्वास्थ महकमा लगातार हमारे कोरिया के समाज को इस कम्युनिटी संक्रमण की तरफ ले जा रहा है । यहां लोकल मुख्य स्वास्थ अधिकारी लोकेलिटी से प्रभावित होकर पूरे समाज को कम्युनिटी संक्रमण की अग्नि में झोंक दे रहे है । हमे बचालीजिये?
1 – प्रथम गलती राखी के पूर्व संध्या एक सुनील शर्मा करके राखी व्यापारी जो कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी का करीबी है शाम 7 बजे राखी बेचते हुवे ग्राहकों के सामने राखी बेचते हुवे दुकान में यह बताया गया कि वो कोरोना पोसिटिव है । उसी उसके घड़ी चौक के राखी दुकान से मेडिकल टीम उसे कोविड़ आस्पताल लेगयीं । अब आप ही सोचिये जब उस राखी वाले को सस्पेक्टेड केटेगरी में ले लिया गया था तो किसकी लापरवाही से वो सार्वजनिक जगह में अंतिम समय तक राखी बेचता रहा और सस्पेंकशन के बाद सामाज से उसे आइसोलेट पहले नही किया गया । इस लपर्वहिंकें कारण सैकड़ो राखी लेने वाले जो कि उसकी दुकान से राखी लिए थे सस्पेक्टेड हो गए ईश्वर न करे कि उन्हें कोविड़ निकले ।
फिर उसके बाद दूसरी फिर कम्युनिटी ट्रान्समिशन को बढ़ावा देने वाली घटना स्वयम अस्पताल प्रबंधन के द्वारा की गई।
क्या आपके सबंधो जो कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी के मामले में जग जाहिर है वो इस प्रकार फायदा उठाकर हम आम नागरिकों चींटियों की भांति मसला जाएगा । जिस मौत के अंतिम संस्कार मेभी अपने शामिल नही हो पाएंगे ।
दूसरी घटना कम्युनिटी ट्रान्समिशन की तरफ ;-

हल्कालेरहेहैमेडिकलटीमकोविड_को ।
जिला अस्पताल के एक डॉक्टर के कोविड पोसिटिव होने और सम्पूर्ण अस्पताल प्रबंधन की गैर जिम्मेदाराना हरकत जिसमे पद प्रतिष्ठा का दुरुपयोग करते हुवे समाज के ऊपर जान बूझकर अटेम्प्ट टू मर्डर जैसी धारा के इर्द गिर्द का अपराध संयुक्त रूप से पीढित डॉक्टर और प्रबंधन के द्वारा किया गया है । और इनके स्वयम के अपराध का भुगतान सरकार से करवाकर कोविद अस्पताल और टेस्ट का बोझ सरकारी मद से करवा रही है ।
घटना ;- जिला अस्पताल का एक डॉक्टर कुछ दिवश पूर्व दिल्ली से आये । आते साथ वो अस्पताल में ड्यूटी शुरू कर दिए और घर पर भी मरीजो को देखना शुरू कर दिए,जब टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद यह पता चला कि वो कोविड पोसिटिव है तो, उन्हें घर पर ही इलाज हेतु रखा गया । सामाजिक दबाव जब पड़ा तो उन्हें कोविड अस्पताल शिफ्ट किया गया । यहाँ तक डॉक्टर साहब के द्वारा पद का दुरुपयोग किया गया। अब यह विषय आपराधिक क्यों बना ? चूंकि डॉक्टर बाहर से आये थे ,तो नियमानुसार वो संदेहास्पद हो गए । इसलिए उनको कोरेंटयल अर्थात, खुद को समाज से दूर रहने की आवश्यकता थी । परंतु अस्पताल के अधिकारियों से छुट्टी लेकर गया डॉक्टर,फिर ड्यूटी आकर जॉइन किया अर्थात अस्पताल प्रबंधन इस हेतु जानकर था कि पीड़ित डॉक्टर कोविड संदेहास्पद है । ऐसी स्थिति में डॉक्टरो के महकमे ने उस पीड़ित को कोरेंटयन करने की बजाय उसे सार्वजनिक स्थल पर बीमार और कम इम्युनिटी वाले मरीजो को देखने की इजाजत दे दी । ऐसे में समाज का वो वर्ग जो मरीज के रूप में उस डॉक्टर के पास दूसरी बीमारी के इलाज हेतु गया वो सम्भवतः कोरोना संक्रमण खुद उस डॉक्टर से लेकर चला गया हो ! ये जान बूझकर समाज को कम्युनिटी ट्रान्समिशन में ले जाकर3 आज लोगो के जीवन के साथ खिलवाड़ किया गया । सुनने में आरहा है कि पांच डॉक्टर भी कोरेंटयल कर दिए गए । अब और मुसीबत अस्पताल में डॉक्टरों का अकाल हो गया मतलब अन्य बीमारियों से ग्रसित लोगो की भी जान अब खतरे में पड़ गयी है । इन सबके पीछे कुर्सी में बैठे वो शक्तिशाली मुख्य चिकित्सा अधिकारी की प्रबंधन की खामियों का खमियाजा स्पष्ट हो जाता है ऐसे में ऐसे गैर जिम्मेदार अधिकारी को तत्काल कोरिया जिला से पदमुक्त किया जाना चाहिए। वरना सम्पूर्ण कोरिया जिला में कोरोना की बाढ़ आ जायेगी और लोग कीड़े मकोड़े की तरह सुविधाओ की कमी के बीच काल के गाल में समा जाएंगे ।

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अविनाश चंद्र -8964006304 / 83195220243/रफीक अंसारी पटना कोरिया:-9770277040

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