अविनाश चंद्र की खबर

संसदीय सचिव के पत्र के बाद पांच गांव के हजारों किसान आक्रोश में

कसडोल । प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल एक ओर जहां कांग्रेस सरकार की छबी किसानों की हितैषी के रूप में बनाने में दिनरात कड़ी मेहनत कर रहे है तो वहीं उनके की सत्ता पक्ष के विधायक , अपने ही सरकार की छबि को धुमिल करने में लगे हुए है । बिलाईगढ़ विधायक श्री चन्द्रदेव राय ने जिला सहकारी केन्द्रीय बैक रायपुर के नोडल अधिकारी बलौदाबाजार को अपने निर्वाचन क्षेत्र में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में नया धान उपार्जन केन्द्र के लिए ग्राम मोहदा का नाम जोड़कर साफ संकेत दे दिए है कि वह इस बार फिर वनाचंल के बड़े गांव रिकोकला में धान उपर्जान केन्द्र खोलने के पक्ष में नहीं है। उन्होने अपने पत्र में मोहदा को ज्यादा महत्व भी दिया है। संसदीय सचिव के पत्र पर जिला सहकारी केन्द्रीय बैक रायपुर के नोडल अधिकारी बलौदाबाजर ने अपनी त्वरित कार्यवाही भी शुरू कर दी है। विधायक के इस पत्र से वनांचल क्षेत्र के गॉव रिकोकला, छतवन, डुमरपाली, रिकोखुर्द, रूनझुनी के सैकड़ों किसानों में आक्रोश देखा जा रहा है। ऐसी अटकलें भी लगाई जा रही है, कि विधायक ने जानबुझ कर रिकोकला के सामने मोहदा का नाम बढ़ाया है, और वे राज्य शासन स्तर पर अपनी पैरवी भी कर सकते है। विधायक ने मोहदा का नाम जानबुझ कर इस लिए भी कर दिया है, वे जानते है कि धान उपार्जन केन्द्र की संख्या तीन से अधिक नहीं होनी चाहिए। वर्तमान में कसडोल विकासखसण्ड के अंतर्गत ग्राम बया प्राथमिक कृषि शाख सहकारी समिति के अधीन दो उर्जान केन्द्र है। पहला ग्राम बया और दूसरा ग्राम बार। ऐसी स्थिति में रिकोकला का नाम काटवाकर ग्राम मोहदा का नाम जुडवा रहे है।

जिला प्रशासन की जिला स्तरीय कमेटी ने ग्राम रिकोकला का नाम प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा

वनांचल के बड़े ग्राम पंचायत रिकोकला में क्षेत्र के किसानों द्वारा काफी लम्बे समय से धान उपर्जान केन्द्र खोलने की मांग की जा रही थी। पिछले वर्ष भी विधायक श्री चन्द्रदेव राय ने क्षेत्र के किसानों के साथ छल किया था। उन्होने रिकोकला का नाम कटवा दिया था। इसके बाद क्षेत्र के किसानों ने सड़क की लड़ाई लड़ी थी। इस बार क्षेत्र के किसानों ने जिला प्रशासन ने फिर से मांग करते हुए रिकोकला में धान उपार्जन केन्द्र खोलने की मांग की है। प्राथमिक कृषि शाख सहकारी समिति के अध्यक्ष श्री संतोष दीवान के पत्र पर कलेक्टर ने रिकोकला में नवीन धान उपार्जन केन्द्र खोलने के मापदण्डों के अनुरूप समिति के प्रस्ताव, सहमत, निर्धारित मापदण्ड, स्थल का चयन, ग्राम पंचायत का प्रस्ताव कर निर्धारित प्रारूप में जानकारी मांगी थी। कलेक्टर के निर्देश पर जिला स्तरीय टीम ने सर्वेक्षण कर अंतिम सहमति के लिए राज्य शासन को प्रेषित भी कर दिया है। ठीक ऐसी स्थिति में विधायक ने ग्राम मोहदा का नाम आगे किया है जिससे उनकी मंशा क्षेत्र के किसानों के समझ से परे है ।

संसदीय सचिव और किसान होंगे फिर आमने सामने
रिकोकला के स्थान पर ग्राम मोहदा का नाम आगे बढ़ाने के इस फैसले से इस बार फिर वनाचंल के भोले भाले किसान और विधायक आमने सामने हो सकते है। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति बया के अध्यक्ष श्री संतोष दीवान ने कहा कि वे किसान परिवार से आते है। किसानो की समस्या को वह बचपन से देख रहे है और उनके लिए संषर्घ भी कर रहे है। किसानों की समस्या और बरसो पुुरानी मांग को देखते हुए समिति ने ग्राम रिकोकला में नया धान उपर्जान क्षेत्र खोलने के लिए प्रस्ताव बनाकर दिया है। उपार्जन केन्द्र खुलने से पांच ग्राम पंचायत रिकोकला, छतवन, डुमरपाली, रिकोखुर्द, रूनझुनी के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। इन गांवो के समिति में पंजीकृत कुल किसानों की संख्या 671 है। कुल रकबा 1223485एकड़ है। धान का रकबा 1146694 एकड़ है। धान उपर्जान केन्द्र खोलने की सभी शर्तें पुरी हो गई है। बया से इन गांव की दूरी भी बहुत है, वनांचल क्षेत्र होने के कारण सड़कों की हालत भी ठीक नहीं है, जिससे किसानों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

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अविनाश चंद्र -8964006304 / 83195220243/रफीक अंसारी पटना कोरिया:-9770277040

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