रफीक अंसारी/ बस्सू पटना से

व्याप्त अव्यवस्याओ, समस्याओं व गडबड़ी को लेकर कलेक्टर से हुयी चर्चा।
मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन।
बैकुण्ठपुर। तहसील कार्यालय बैकुण्ठपुर में जिस प्रकार का काम हो रहा है उससे जनमानस में तरह-तरह की चर्चा है। जहां तहसीलदार पक्ष के लोग कलेक्टर को यह बात बता रहे है कि उनके कार्यकाल में अच्छा काम हो रहा है जिससे भूमाफिओं का नहीं चल रहा हैं पर वहीं जो जानकारीयां लोगों से मिल रही है उनके मुताबिक तहसील कार्यालय में कोई भी काम समय पर न ही बिना किसी चढ़ावे के नहीं हो रहा है। जिसे लेकर कई खबरें प्रकाशित हो चुकी है सारी खबरें जमीन से लेकर मुआवजे की राशि तक में किस प्रकार का खेल हो रहा है। इन सब बातों को जिला कलेक्टर से चर्चा कर शिकायत दिया गया। वहीं खबर छापने को लेकर तहसीलदार द्वारा दबाव बनाने के लिये नोटिस तक भेजा गया वहीं सूत्र यह भी बता रहे कि अखबार के प्रतिनिधी पर झूठे मामले में फंसाने की साजिश की जा रही है। इन सब बातों को लेकर जिले के श्रमजीवि पत्रकार संघ के पदाधिकारी व पत्रकार कलेक्टर कोरिया को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप तहसीलदार ऋचा सिंह की शिकायत कर उनके द्वारा की गयी गड़बड़ी की जांच कर कार्यवाही करने की मांग की गयी।


बैकुण्ठपुर तहसील में व्याप्त अव्यवस्याओ, लोगों की समस्याओं को लेकर तहसील की गड़बड़ी के संबंध में खबर प्रकाशन किया गया जिससे क्षुब्ध होकर तहसीलदार ऋचा सिंह के द्वारा खबर प्रकाशन करने से रोकने के लिए पत्रकारों पर दबाव बनाने के लिए तरह तरह के हथकंड़े अपनाए गये यहां तक कि आवज को दबाने के लिये मानहानि का नोटिस तक भेज गया था जिसका जवाब भी उन्हें भेज दिया गया है। घटती-घटना के द्वारा जनमानस में चर्चा के अनुसार बैकुण्ठपुर तहसील कार्यालय में तहसीलदार के विरुद्ध काफी शिकायतें है और लोगों में आक्रोश भी है कि यहां पर बिना पैसे का कोई काम नहीं हो रहा है, छ0ग0 शासन के मंत्री. उच्चाधिकारियों को सप्रमाण आवेदन देकर शिकायत करने के बाद भी तहसीलदार पर किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं हो रही है जिससे शासन प्रशासन प्रति लोगों का विश्वास खत्म होता जा रहा है। यहां तक कि कोरिया जिले में मुख्यमंत्री प्रवास के दौरान भी कुछ लोगों ने सीधे तौर पर तहसीलदार की शिकायत की है। तहसील से जुड़ी लोगों की समस्याओं को लगातार घटती-घटना अखबार में प्रकाशित किया जा रहा है इसके बाद भी तहसील में व्याप्त गडबड़़ी और अनिमितता की जांच या किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं हो रही जिससे शासन-प्रशासन कार्यप्रणाली पर ऊंगली उठ रही है। लगातार खबर प्रकाशन के बाद बैकुण्ठपुर तहसीलदार ऋचा सिंह द्वेष पूर्वक पत्रकार रवि सिंह व उनके सहयोगीयों के खिलाफ फर्जी प्रकरण, केस दर्ज कराने की साजिश करने की बात सामने आ रही है, जिसके सबंध में पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर इस बात की जानकारी दी है। वहीं कुछ दिन पहले तहसीलदार द्वारा बैकुण्ठपुर थाने में सोशल मिडिया के एक पोस्ट को लेकर किसी भी व्यक्ति के साथ दैनिक घटती घटना अखबार का नाम जोड़ रही हैं जो पूरी तरह अनुचित है। लोक सेवकों की कमियों को उजागर करने वाले पत्रकारो पर दबाव बनाया जायेगा तो इस सरकार में लोकतंत्र के चैथा स्तंभ कहां तक सुरक्षित रहेंगे। लोगों की आवाज को उठाना और प्रशासन व शासन के गलतियों को बताना लोकतंत्र के चैथे स्तंभ का कर्तव्य है क्या यह भी अधिकार कांग्रेस सरकार में छिना जायेगा? इस सम्बन्ध में कोरिया कलेक्टर एसएन राठौर से पत्रकार संघ के द्वारा चर्चा सारी बातों से अवगत कराया। इस दौरान श्रमजीवि पत्रकार संघ के विनोद शर्मा, अनुप बड़ेरिया, रंजीत सिंह, अमित श्रीवास्तव, जगजीत सिंह, यशवंत राजवाड़े, अरूण जैन, रवि सिंह, योगेश चन्द्रा, अमित श्रीवास्तव के साथ जिले के कई पत्रकार उपस्थित रहे।
पुर्नअवलोकन की जांच कराने की मांग –  पत्रकारों ने कोरिया कलेक्टर से बात करते हुये उनसे कहा कि हमें जानकारी मिल रही है कि तहसीलदार द्वारा बहुत सी गलतियां की गई है उसके लिए उन्होंने अपने उच्चाधिकारी को पुर्नवलोकन की अनुमती मांगी है, जिसके संबंध में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी चाही गई पर जनसूचना अधिकारी तहसीलदार ने कोई भी जवाब नहीं दिया। जवाब में अन्य मामलों का हवाला देकर साफ तौर से जवाब देने से मना कर दिया। जबकि यह बताया जा रहा है पुर्नवलोकन उन गलतियों का किया जाता है जो भूलवश हो जाती है पर तहसील में कई गलतियां ऐसी है जिनकी जानकारी तहसीलदा को है जिसे सुधारने के लिये पुर्नवलोकन के लिये अनुविभागीय अधिकारी से अनुमति मांगी गयी है। इसलिये तहसीलदार द्वारा जो भी गलतियां कि गयी है जिसे वह सुधारना चाहती है इन विषय की जांच आवष्यक है।
मुआवजा प्राप्त भूमि की रजिस्ट्री का मामला चर्चा में – मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत आनी में नेषनल हाईवे क्रमांक 43 बाईपास सड़क स्थित पूर्व में मुआवजा प्राप्त भूमि का दलालों, पटवारियों व तहसीलदार के मिली भगत से उक्त भूमि की पुनः रजिस्ट्री कर भू माफियाओं के नाम कर दिया गया है। वर्तमान में पदस्थ बैकुण्ठपुर तहसील कार्यालय में तहसीलदार ऋचा सिंह जो पूर्व में सूरजपुर जिले के रामानुजनगर में नायब तहसीलदार के पद पर पदस्थ थी वहां भी इनके खिलाफ कई शिकायतें आज भी लंबित हैं। तहसीलदार ऋचा सिंह के कार्यों को लेकर जनमानस में इनकी छवि अच्छी नहीं है जिस वजह से इनके साथ काम करने वाले पटवारी से लेकर कार्यालय में पहुंचने वाले लोग परेषान हैं। कुछ दिन पूर्व जिले के एक महिला पटवारी के द्वारा भी इनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराया गया था जिसकी शिकायत आज तक लंबित है।
फोटो नं. 02. जिला कलेक्टर कार्यालय बैकुण्ठपुर।

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अविनाश चंद्र -8964006304 / 83195220243/रफीक अंसारी पटना कोरिया:-9770277040

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