रफ़ीक अंसारी (बस्सु) पटना कोरिया l.


अवैध खदान से एक नम्बर खदान जुड़ने से अधिकारीयों में मची हडकंप।

खदान में पानी घुसने, गैस रिसाव चोरी का खतरा बढ़ा।

पटना -एसईसीलए कटकोना में संचालित एक नम्बर खदान के ऊपर सालों से अवैध खदान पहाड़ी पर संचालित होता चला आ रहा है। कोयला चोरों द्वारा प्रतिदिन कई टनों में कोयला निकाला जा रहा था कोयला इतना ज्यादा निकल गया कि अवैध कोयला खदान एसईसीएल कटकोना द्वारा संचालित एक नम्बर की खदान से जा मिली। जानकारी मिलते ही एसईसीएल के अधिकारीयों में हडकंप मच गया और घटना स्थल तक जा पहुंचे। स्थल का परीक्षण करने हुये अब इसे बंद करने की कवायद शुरू हो चुकी है।

मिली जानकारी के अनुसार लम्बे समय से कोयला चोरों द्वारा कटकोना सहक्षेत्र में संचालित एक नम्बर के खदान के ऊपरी पहाड़ी में कोयला निकालने का काम जान को हथेली में लेकर कई सालों से किया जा रहा था। पिछले साल इस अवैध खदान को बंद करने का प्रयास किया गया था पर कोयला चोरों ने पुनः अवैध खदान को खोल कर फिर से कोयला निकालने का काम शुरू कर दिया। कोयला की खुदाई प्रतिदिन इतनी अधिक हो रही थी अवैध खदान जाकर संचालित वैध खदान से जा मिला। ऐसा होने से वैध खदान में खतरा बढ़ गया है ऐसा बताया जा रहा है कि यदि अवैध खदान बंद नहीं हुआ तो बरसात में खदान के अंदर पानी अधिक घुसेगा जिससे खदान डूबने का खतरा बढ़ जायेगा। खदान के अंदर आक्सीजन की कमी व जहरीली गैसों का रिसाव हो सकता है साथ ही चोर अवैध खदान से घुसकर वैध खदान के अंदर चोरी की घटना को अंजाम दे सकते है। इन सब खतरों को देखते हुये एसईसीएल की मुसीबत बढ़ गयी है और अवैध संचालित खदान को बंद करने का प्रयास एसईसीएल द्वारा करने की बात आ रही है। वहीं अधिकारीयों की पूरी टीम उस अवैध खदान के पास पहुंचकर निरिक्षण किया तो वैध खदान और अवैध खदान के बीच एक बड़ा सा छेद हो गया है जहां से कोयला चोर वैध खदान के अंदर घुसकर कोयला निकाल रहें है। चोरों में जरा सा भी भय नहीं है कि वह अपनी जरूरतें पूरी करने के लिये कुछ भी करने को तैयार है। जबकि इस खदान से कोयला निकालना मौत के मुंह जाना है। साथ ही इनके वजह से एक वैध संचालित खदान भी बंद होने का खतरा मंडराने लगा है यदि यह खदान बंद हुयी तो फिर से क्षेत्र में बेरोजगारी और बढ़ जायेगी।

एसईसीएल व पुलिस को अब होगा यकीन कि कोयले की होता है अवैध उत्खनन – लम्बे समय से कोयला का अवैध उत्खनन पहाड़ीयों पर हो रहा है और समय-समय पर समाचार के माध्यम से लगातार सम्बन्धित विभाग व अधिकारीयों को इसकी जानकारी भी मिलती रही है। यहां तक पूर्व कई बार अवैध खदान धंसने से मौंते भी हो चुकी है इसके बावजुद कोयले का अवैध उत्खनन रूकने का नाम नहीं ले रहा था। शिकायत के बावजुद भी पुलिस वन विभाग पर ठिकरा फोडती दिखती थी तो वहीं एसईसीएल यह मानने को तैयार नहीं था कि यह उत्खनन हमारे क्षेत्र में हो रहा है। अब जब अवैध खदान एसईसीएल की वैध खदान से जा मिला तो तब पता चला कि एसईसीएल उन्हीं के क्षेत्र में संचालित है। इस मामले के बाद एसईसीएल के अधिकारीयों में खलबली मच गयी है और अब वह इस अवैध खदान को बंद करने की रूपरेखा बना रहे है।

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अविनाश चंद्र -8964006304 / 83195220243/रफीक अंसारी पटना कोरिया:-9770277040

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