बस्सू [पटना]

पटना कोरोना संकट में फिजिकल डिस्टेंस के साथ यात्रा करने के लिए टैक्सी सुविधा शुरू कराने के लिए, इंजीनियरिंग कालेज के तीन विद्यार्थियों ने सामान्य ई-रिक्षा को मोडीफाई करके जो जो डिजाईन तैयार किया किया है, जिसमें एक साथ वाहन में चार लोग बैठ सकेंगे। इस माडल को तैयार करने वाले छात्रों की टीम में पटना क्षेत्र के छोटे से गांव सावांरावां का एक युवा हरिशंकर कुशवाहा भी शामिल है।
कोरोना संकट में जहां एक ओर आवागमन की सुविधा लोगों को नहीं मिल पा रही है, बसें, टैक्सी सभी सेवाऐं लगभग बंद है, ऐसे संकट काल में लागों के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित वाहन सुविधा सेवा देने के लिए विष्वविद्यालय इंजीनियरिंग कालेज लखनपुर में अध्ययनरत कमप्यूटर साइंस अंतिम वर्ष की छात्रा ज्योति सिंह, मेकेनिकल फाईनल ईयर का छात्र हरिशंकर कुशवाहा और सिविल तृतीय वर्श के छात्र मनीष पांडे तीनों विद्यार्थियों ने मिलकर एक ऐसा विषेश वाहन डिजाईन किया है जिसमें कोरोना संकट काल में भी चार लोग फिजिकल डिस्टेंस के साथ बैठ पाऐंगे, ई कैब सर्विस के नाम से तैयार की गई इस डिजाईन का पेटेंट भी छात्रों द्वारा कराया जा रहा है, वाहन में ऐसी तकनीक होगी की उसमें सवार लोगों के उतरते ही पूरा वाहन खुद सैनेटाईज हो जायेगा, इस तकनीक को सामान्य ई रिक्षा में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
इस प्रोजेक्ट में काम कर रहे विष्वविद्यालय इंजीनियरिंग कालेज लखनपुर के छात्र व सावांरावां निवासी हरिषंकर कुषवाहा ने बताया कि यह परियोजना स्मार्ट कैब और परिवहन सेवाओं पर आधारित है, इस परियोजना की सहायता से हम परिवहन प्रणाली में कोरोना अवधि में उत्पन्न समस्याओं से निपट रहे हैं, यह परियोजना एआई तकनीक पर आधारित है, तदनुसार हम ऐसे ऐप को डिजाइन करने जा रहे हैं जो किसी भी समय किसी भी चैक से व्यक्ति को रिश्वत बुक करने में मदद करेगा, इस कैब सेवा के लिए हम ई-रिक्शा का उपयोग करने जा रहे हैं जो भविष्य में प्रदूषण की समस्या को पूरी तरह से कम करेगा, इसके अलावा हमारी परियोजना से हम दैनिक दिनचर्या सेवा व्यक्ति या स्कूल के छात्रों या स्थानीय यात्रा समुदाय के किसी भी समूह के लिए परिवहन की लागत को कम कर सकते हैं, प्रस्तावित परियोजना की सहायता से हम यात्रियों के बीच सामाजिक दूरी को भी बनाए रख सकते हैं, जैसे कोई भी यात्री एक-दूसरे के संपर्क में नहीं आते हैं, यह प्रभाव को कम करने और कोरोना के खिलाफ वापस लड़ने में मदद करेगा, साथ ही रिक्शा से यात्री के बाहर निकलने के बाद सेंसर की मदद से प्रत्येक चेंबर को स्प्रिंकलर की मदद से स्व-साफ किया जाता है, जो अन्य यात्रियों को बैक्टीरिया और किसी अन्य वायरस से सुरक्षित रखने में मदद करते हैं, इसलिए यह परियोजना कोरोना अवधि के दौरान शहर में लोगों के सुचारू रूप से चलने के लिए कोरोना के प्रभाव को कम करने में कई तरह से मदद करती है।

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