(भरतपुर सोनहत विधानसभा क्षेत्र के कई ग्रामों में कई वर्षों से नहर बंद सिंचाई के अभाव में कमजोर हो रहे किसान)

बैकुण्ठपुर : गेहूं बुआई का नजदीक आते ही किसान तैयारी करते नजर आ रहे हैं तो,ऐसे किसान जिनका सिंचाई का व्यवस्था ठप्प है,उनके माथे पर चिन्ता के लकीर के साथ भरे ठण्डी में तनाव से पसीना छूट रहा है।
जिले के दूरस्थ एवं आदिवासी अंचल केल्हारी क्षेत्र में कई नहर 3साल से भी अधिक से बंद पडे है,तो कई नहर में केवल साफ सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति भर कर दी जाती है।
जिसके कारण किसानों को आर्थिक मार का दंश झेलना पड रहा है।धान कटाई के तत्काल बाद ही खेत जुताई कर गेहूं बुआई कर लिया जाता है,समय नजदीक आते देख ग्रामीण किसान बंद नहर देख चिंतित हैं।
संबंधित विभाग के मुंह ताक-ताक थक चुकी जनता छग शासन के पूर्व संसदीय सचिव श्रीमति चम्पादेवी पावले के नेतृत्व में जिले के संवेदनशील कलेक्टर श्याम धावडे से मिलकर अपनी व्यथा कही,

पूर्व संसदीय सचिव चम्पादेवी पावले ने सिंचाई व्यवस्था को देख छग सरकार सहित स्थानीय विधायक की जमीनी वास्तविकता बताते हुये कहीं कि हवा में बात करने वाले क्षेत्रीय विधायक की जमीन खोखला हो चुका है,किसान कोरोना दंश झेलने के बाद प्रदेश सरकार सहित क्षेत्रीय विधायक की किसान विरोधी नीतियों एवं अन्नदाता किसान की अनदेखी के कारण आर्थिक मार झेलने के लिये मजबूर हैं।कोरिया कलेक्टर को ध्यानाकृष्ट करवा कर किसानों के हित के लिये मांग गया है।उम्मीद है कलेक्टर कोरिया संज्ञान लेकर क्षेत्र में व्याप्त सभी नहरों को चालू करवायेंगें, अन्यथा किसान हित में जो भी कदम उठाना पडेगा हर तरह से तैयार हैं।

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